हिंदू धर्म में क्यों रखा जाता है व्रत, जानें व्रत रखने के नियम और जरूरी बातें

त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है साथ में सावन मास आ रहा है। ऐसे में आए दिन कोई न कोई व्रत त्योहार रखें जायेंगे जो मन की शांत व मनोकामना की पूर्ति के लिए ईश्वर की आराधना होते है। ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए साधना को अपनाते है। ये साधना हम ध्यान या फिर उपवास व व्रत से पूरा करते हैं। इसे मानते हुए किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए हम व्रत से देवी देवताओं को प्रसन्न करते हैं। बिना जल व भोजन के भूखे पेट रहना व्रत कहलाता है। हिंदु धर्म में कई तरह के व्रत रखे जाते हैं।

हिंदू धर्म में हर एक पर्व पर व्रत का विशेष महत्व होता है और उसे रखने के अलग-अलग नियम होते है. व्रत के नियमों का अगर पालन सही तरीके से न किया जाए तो व्रती को व्रत का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है. आइए जानते हैं व्रत का धार्मिक, वैज्ञानिक और व्रत रखने के नियम.
हिंदू धर्म में प्रमुख व्रत-त्योहारों के मौके पर व्रत रखने की परंपरा होती है. तीज-त्योहार पर हिंदू धर्म में व्रत रखना एक अभिन्न अंग माना जाता है. व्रत जिसे उपवास भी कहते हैं ऐसी मान्यता है कि व्रत रखने से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है. व्रत को धारण करने के लिए विशेष नियम होते हैं जिसका पालन करना बहुत जरूरी होतहिंदू धर्म में हर एक पर्व पर व्रत का विशेष महत्व होता है और उसे रखने के अलग-अलग नियम होते है. व्रत के नियमों का अगर पालन सही तरीके से न किया जाए तो व्रती को व्रत का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है. आइए जानते हैं व्रत का धार्मिक, वैज्ञानिक और व्रत रखने के नियम.

व्रत का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में व्रत रखने का विशेष महत्व होता है. व्रत रखने से व्यक्ति को मानसिक शांति, भगवान के नजदीक रहने के शक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. शास्त्रों में उपवास रखने का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि व्रत रखने पर सभी तरह के पापों और कष्टों से मुक्ति मिलती है. व्रत रखने से व्यक्ति का मन,दिमाग और आत्मा शुद्ध होती है. हिंदू धर्म में व्रत रखने से भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा,भाव, भक्ति और समर्पण का भाव आता है. इसी कारण से हर एक धार्मिक मौके पर किसी न किसी रूप में अलग-अलग तरीके से व्रत रखा जाता है.


व्रत का जितना धार्मिक महत्व होता है उतना ही वैज्ञानिक महत्व होता है. विज्ञान के अनुसार व्रत धारण करने से व्यक्ति की सेहत अच्छी बनी रहती है. व्रत के दौरान भोजन नहीं किया जाता है कुछ अल्पाहार लेकर ही पूरा दिन बिताया जाता है इससे व्यक्ति का पाचन तंत्र ठीक बना रहता है और पाचन तंत्र की क्रियाएं मजबूत बनी रहती है. व्रत रखने व्यक्ति के शरीर में मोटापा और कोलेस्ट्ऱॉल का मात्रा काबू में रहती है जिससे व्यक्ति का शरीर सेहतमंद रहता है.

व्रत रखने के नियम

1- व्रत रखने वालों को साफ कपड़े पहनने चाहिए
व्रत का संकल्प लेने वाले व्यक्ति को व्रत के दिन सुबह जल्दी से उठकर दैनिक क्रियाओं को करते हुए स्नान करना चाहिए उसके बाद साफ वस्त्र धारण करना चाहिए.

2- व्रत पर संबंधित देवी-देवता की करें पूजा
जिस विशेष दिन पर व्रत रखें उस दिन उससे संबंध रखने वाले देवी-देवता की पूजा आराधना जरूर करनी चाहिए.

3- व्रत के दिन न सोएं
जिस दिन विशेष पर व्रत रखने का संकल्प आपने लिया हुआ उस दिन व्रती को दिन के समय नहीं सोना चाहिए.

4- व्रत के दिन बार-बार खाने से बचें
व्रती को व्रत के दिन बार-बार खाने से बचना चाहिए. व्रत पर अन्न का त्याग करना चाहिए और केवल जल और फलाहार ही ग्रहण करें. इस व्रत पूर्ण माना जाता है.

5- व्रत के दिन झूठ और गलत आदत से बचें
व्रत रखने पर व्यक्ति को हमेशा सत्य ही बोलना चाहिए. किसी को बेवजह परेशान नहीं करना चाहिए. इसके अलावा व्रत पर चोरी आदि नहीं करनी चाहिए. व्रती को व्रत रखने के दौरान किसी सी निंदा या बुराई नहीं करनी चाहिए.

6 – दान करना शुभ
व्रत वाले दिन व्रती को गरीबों को दान अवश्य करना चाहिए और असहायों की हमेशा मदद करें. व्रत के दिन भगवान के मंत्रों का दिनभर जाप करते रहना चाहिए.

7- व्रत के बाद सात्विक भोजन ही करें
व्यक्ति को व्रत की समाप्ति के बाद हमेशा सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए. साथ ही व्रत के बाद हल्का ही भोजन ग्रहण करना चाहिए.

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